श्री गोलू देवता मंदिर,
घोड़ाखाल
न्याय के देवता की पावन भूमि में आपका स्वागत है
कुमाऊँ की आस्था, विश्वास और परंपरा का पावन केंद्र — घोड़ाखाल स्थित श्री गोलू देवता मंदिर में श्रद्धा, प्रार्थना और न्याय के प्रति अटूट विश्वास का अनुभव करें।
श्रावण मास में गोलू देवता का दूध स्नान एवं भंडारा
हर साल की तरह इस बार भी सावन के पवित्र महीने में गोलू देवता मंदिर, घोड़ाखाल में दूध स्नान एवं भंडारे का आयोजन किया जा रहा है।
कार्यक्रम की जानकारी देखें ↓दूध स्नान एवं भंडारा
गोलजू देवता को दूध से स्नान कराने और उसी दूध से खीर बनाकर भक्तों को प्रसाद के रूप में वितरित करने की यह पावन परंपरा आस्था और सेवा का सुंदर उदाहरण है।
गोलजू देवता के दूधाधारी स्वरूप से जुड़ी मान्यता के कारण श्रावण मास में दुग्ध अभिषेक की परंपरा रही है। घोड़ाखाल मंदिर में इस आयोजन की शुरुआत लगभग 53 वर्ष पूर्व स्वर्गीय श्री केदार जोशी जी द्वारा की गई थी।
प्रारंभिक वर्षों में गांव के लोग दूध लेकर आते थे। गोलजू देवता के दुग्ध अभिषेक के पश्चात उसी दूध से खीर तैयार कर मंदिर में आए भक्तों को प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता था।
स्वर्गीय श्री केदार जोशी जी के पुत्र एवं सेवक श्री रमेश जोशी जी के अथक प्रयासों और गोलजू देवता के आशीर्वाद से यह आयोजन आज भव्य स्वरूप ले चुका है।
कार्यक्रम में क्या होगा?
गोलू देवता का पवित्र दुग्ध अभिषेक।
धार्मिक विधि एवं हवन का आयोजन।
भक्ति एवं संकीर्तन का आयोजन।
सुंदरकांड पाठ एवं धार्मिक आयोजन।
दूध से तैयार खीर एवं प्रसाद भक्तों को वितरित किया जाएगा।
प्रिय भक्तगण
जो भी भक्त अपनी ओर से मंदिर में दूध अर्पित करना चाहते हैं, कृपया मंदिर से संपर्क करें तथा इस पावन आयोजन में सहभागी बनकर अपने जीवन को धन्य बनाएं।
जय गोलू देवता 🙏🏻
आस्था, न्याय और विश्वास का पावन धाम
घोड़ाखाल स्थित श्री गोलू देवता मंदिर कुमाऊँ की आस्था और लोक परंपरा का एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक केंद्र है। यहाँ श्रद्धालु न्याय के देवता श्री गोल्ज्यू महाराज के दर्शन और आशीर्वाद के लिए दूर-दूर से आते हैं।
गोलू देवता को कुमाऊँ क्षेत्र में न्याय, सत्य और धर्म के प्रतीक के रूप में श्रद्धा से पूजा जाता है। मंदिर परिसर में अर्पित की गई असंख्य घंटियाँ भक्तों की आस्था और मनोकामनाओं से जुड़ी एक अनोखी परंपरा को दर्शाती हैं।
न्याय के देवता
सत्य और न्याय के प्रति अटूट आस्था का प्रतीक।
घंटियों की परंपरा
मनोकामना पूर्ण होने पर घंटी अर्पित करने की परंपरा।
घंटियों में बंधी आस्था
घोड़ाखाल के श्री गोलू देवता मंदिर की पहचान यहाँ दिखाई देने वाली असंख्य घंटियों से भी जुड़ी है। हर घंटी अपने साथ किसी श्रद्धालु की आस्था, प्रार्थना और विश्वास की कहानी समेटे हुए है।
मान्यता है कि मनोकामना पूर्ण होने पर श्रद्धालु गोल्ज्यू महाराज के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए मंदिर में घंटी अर्पित करते हैं। समय के साथ ये घंटियाँ मंदिर की आध्यात्मिक पहचान का अभिन्न हिस्सा बन गई हैं।
हर घंटी एक प्रार्थना है,
हर प्रार्थना में एक विश्वास है।
श्रद्धा से जुड़िए, सेवा से समर्पित रहिए
श्री गोल्ज्यू महाराज के पावन धाम में दर्शन, पूजा और विभिन्न धार्मिक सेवाओं से जुड़ी आवश्यक जानकारी यहाँ प्राप्त करें।
दर्शन
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नैनीताल की पहाड़ियों के बीच स्थित घोड़ाखाल का श्री गोलू देवता मंदिर श्रद्धा, प्रकृति और कुमाऊँ की संस्कृति का सुंदर संगम है।
मंदिर तक सड़क मार्ग से आसानी से पहुँचा जा सकता है। नैनीताल, भवाली और आसपास के प्रमुख स्थानों से घोड़ाखाल की यात्रा आपके आध्यात्मिक अनुभव को हिमालय की प्राकृतिक सुंदरता से जोड़ती है।
आपके सवाल, हमारे जवाब
श्री गोलू देवता मंदिर, घोड़ाखाल में दर्शन, समय, स्थान और यात्रा से जुड़ी सामान्य जानकारी।
श्री गोलू देवता मंदिर घोड़ाखाल, नैनीताल, उत्तराखंड में स्थित है। यह कुमाऊँ क्षेत्र का एक प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थल है।
गोलू देवता को कुमाऊँ क्षेत्र में न्याय के देवता के रूप में श्रद्धा से पूजा जाता है। भक्त सत्य, न्याय और अपनी मनोकामनाओं के लिए गोल्ज्यू महाराज का आशीर्वाद प्राप्त करने आते हैं।
भक्तों की आस्था के अनुसार मनोकामना पूर्ण होने पर श्रद्धालु गोलू देवता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए मंदिर में घंटियाँ अर्पित करते हैं। यही परंपरा मंदिर की सबसे खास पहचान में से एक है।
दर्शन के वर्तमान समय और विशेष अवसरों के समय में बदलाव हो सकता है। यात्रा से पहले मंदिर की आधिकारिक जानकारी के अनुसार वर्तमान दर्शन समय अवश्य देखें।
घोड़ाखाल सड़क मार्ग से नैनीताल, भवाली और आसपास के प्रमुख स्थानों से जुड़ा हुआ है। नजदीकी रेलवे स्टेशन काठगोदाम और प्रमुख एयरपोर्ट पंतनगर है।
मंदिर में उपलब्ध पूजा एवं धार्मिक सेवाओं की जानकारी के लिए Puja & Seva section देखें। विशेष सेवा या बुकिंग से पहले वर्तमान उपलब्धता और प्रक्रिया की पुष्टि करें।